Saturday, December 1, 2007

तिल्ली एवं जिगर और तिल्ली, दोनों के बढ़ने पर

LIVER

gurh पुराना गुड़ डेढ़ ग्राम और बड़ी (पिली) हरड़ के छिल्के का चुर्ण बराबर वजन मिलाकर एक गोली दिन में दो बार प्रातः सायं हल्के गर्म पानी के साथ एक महीने तक लें। इससे जिगर और तिल्ली, यदि दोनों ही बढ़े हुए हों, तो भी ठीक हो जाते हैं।

इसके तीन दिन के प्रयोग से अम्लपित्त का भी नाश होता है।

4 comments:

dr.aalok dayaram said...

जिगर और तिल्ली बढने का घरेलू नुस्खा बहुत अच्छा है,इस रोग के अलावा अन्य रोगो में घरेलू नुस्खो से लाभ लेने के लिये मेरे ब्लाग
http://ddayaram.blogspot.com
पर जाएं और कमेन्ट्स दें।

arun said...

तिल्ली बढ जाने पर रोगी को बर- बार ज्वर आता है और खून बनना बंद हो जाता है।आपने बहुत ही साधारण नुस्खा बताया है।धन्यवाद

vinod chauhan said...

उपयोगी जानकारी के लिये साधुवाद!अन्य सभी रोगों की घरेलू पदार्थों से चिकित्सा के लिये डा.आलोक दयाराम के चिट्ठे परम उपयोगी हैं।पता है-- http://remedyailment.blogspot.com

YASHPAL SINGH said...

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