संतरे के छिल्कों को छाया में सुखाकर बनाया गया बारिक चूर्ण और बराबर मात्रा में बेसन (अथवा बारीक पिसी हुई मुल्तानी मिट्टी दुगुनी) मिलाकर मिश्रण बना लें। इस मिश्रण को पन्द्रह मिनट पानी में भिगोने के बाद गाढ़ा घोल बना लें और इसका मुंहासिं पर लेप करं। दस मिनट लगा रहने के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लिया जाए तो इस प्रकार ४-६ सप्ताह के प्रयोग से मुंहासे नष्ट हो जाते हैं।
उपरोक्त संतरे के छिल्कों का महीन चुर्ण को गुलाब जल में मिलाकर बनाये गये घोल का लेप करने से चेहरे के मुंहासे नष्ट होते हैं तथा चेचक के दाग भी दूर होते हैं।
शीघ्र लाभ प्राप्त करने हेतु उपरोक्त प्रयोग के साथ-साथ त्रिफला-चूर्ण दो ग्राम की मात्रा से गर्म पानी से रात्री सोते समय लेते रहें।
मुनक्का १० नग पानी से साफ कर लें और रात को ६० ग्राम पानी में भिगो दें। प्रातः बीज निकालकर खा लें और बचे पानी में थोड़ी मिश्री या शक्कर मिलाकर या वैसे ही पी लें। एक मास तक सेवन करने से मुंहासे निकलने बन्द हो जाएंगे तथा खून साफ होगा।

3 comments:
मुंहासे पर प्रस्तुत नुस्खे आजमाने योग्य हैं। इस रोग से किशोरावस्था के लडके और लडकियों का चेहरा बदनुमा हो जाता है। मुंहासे ठीक करने के लिये तथा अन्य त्वचा विकारों पर लाभप्रद घरेलू नुस्खे जानने के लिये मेरे ब्लाग-
http://homenaturecure.blogspot.comपर जाएं।होली की शुभकामनाएं!
dadi thank you for your नुस्खे thank you very much :)
namaste
dadi ji
mai Aman
aapke नुस्खे achey hai
THANK YOU
again :)
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